Tuesday, April 23

महबूबा का बयान: 370 को खत्म किया गया तो भारत का जम्मू-कश्मीर से रिश्ता भी खत्म हो जाएगा

जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने अनुच्छेद 370 को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अगर अनुच्छेद 370 को खत्म किया गया तो जम्मू कश्मीर से भारत का रिश्ता खत्म हो जाएगा. बता दें कि अनुच्छेद 370 जम्मू-कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा प्रदान करता है.

पीडीपी प्रमुख ने आगे कहा कि अगर अनुच्छेद 370 को खत्म किया जाता है तो मुस्लिम बहुल राज्य भारत का हिस्सा बनना पसंद नहीं करेगा. उन्होंने कहा कि यदि आप उस पुल (अनुच्छेद 370) को तोड़ते हैं … तो आपको भारत-जम्मू और कश्मीर के बीच संबंधों को फिर से संगठित करना होगा, जिसमें कई शर्तें होंगी. क्या मुस्लिम बहुल राज्य, आपके साथ रहना चाहेगा? अगर आप अनुच्छेद 370 को खत्म करते हैं तो जम्मू कश्मीर से आपका रिश्ता खत्म हो जाएगा.

बता दें कि महबूबा मुफ्ती समय-समय पर संविधान के अनुच्छेद 35ए के साथ अनुच्छेद 370 के मुद्दे पर बयान देती रहती हैं. हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा था कि अनुच्छेद 35ए पर हमला किया गया तो उन्हें नहीं पता कि कश्मीर के लोग तिरंगे के बजाय कौन सा झंडा उठा लेंगे.

#WATCH Mehbooba Mufti: If you break that bridge (Art 370)…then you will have to renegotiate relationship b/w India-Jammu&Kashmir, there will be new conditions…A Muslim majority state, would it even want to stay with you?…If you scrap 370, your relation with J&K will be over pic.twitter.com/HlAMZh3KcC— ANI (@ANI) March 30, 2019

महबूबा मुफ्ती ने कहा कि आग से मत खेलें, 35ए का बाजा न बजाएं. अगर ऐसा हुआ तो आप वो देखेंगे जो 1947 से अब तक नहीं हुआ है. अगर इस पर हमला किया जाता है तो मैं नहीं जानती कि जम्मू कश्मीर के लोग तिरंगे की जगह कौन सा झंडा पकड़ने को मजबूर हो जाएंगे.

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 35ए की वैधानिक मान्यता को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है. लेकिन 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद बाद एक बार फिर अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए को हटाने की मांग ने जोर पकड़ा. हालांकि जम्मू-कश्मीर प्रशासन साफ कर चुका है कि अनुच्छेद 35ए पर सिर्फ चुनी हुई सरकार ही फैसला ले सकती है.

क्‍या है अनुच्‍छेद-370

1. संविधान का अनुच्छेद 370 अस्‍थायी प्रबंध के जरिए जम्मू और कश्मीर को एक विशेष स्वायत्ता वाले राज्य का दर्जा देता है.

2. संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधानों के अनुसार संसद को जम्मू-कश्मीर के बारे में रक्षा, विदेश मामले और संचार के विषय में कानून बनाने का अधिकार है. लेकिन अन्य विषय से संबंधित कानून को लागू कराने के लिए केंद्र को राज्य का अनुमोदन चाहिए.

3. इसी विशेष दर्जे के कारण जम्मू-कश्मीर पर संविधान का अनुच्छेद 356 लागू नहीं होता. राष्ट्रपति के पास राज्य के संविधान को बर्खास्त करने का अधिकार नहीं है.

4. भारत के दूसरे राज्यों के लोग जम्मू-कश्मीर में जमीन नहीं खरीद सकते हैं. यहां के नागरिकों के पास दोहरी नागरिकता होती है. एक नागरिकता जम्मू-कश्मीर की और दूसरी भारत की होती है.

5. यहां दूसरे राज्य के नागरिक सरकारी नौकरी नहीं कर सकते.

6. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 360 जिसमें देश में वित्तीय आपातकाल लगाने का प्रावधान है, वह भी जम्मू-कश्मीर पर लागू नहीं होता.

7. अनुच्छेद 370 की वजह से ही जम्मू-कश्मीर का अपना अलग झंडा और प्रतीक चिन्ह भी है.

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